भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन आज भी हमारे किसान भाई सिंचाई के लिए महंगे डीजल और अनियमित बिजली आपूर्ति पर निर्भर हैं। इसी समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) की शुरुआत की है। वर्ष 2026 तक इस योजना का लक्ष्य लाखों किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और उनकी आय को दोगुना करना है।
यदि आप एक किसान हैं और अपने खेत में सोलर पंप लगवाना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि पीएम कुसुम योजना 2026 क्या है, इसमें 90% तक सब्सिडी कैसे मिलती है, और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे किया जाता है।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM KUSUM) क्या है?
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) केंद्र सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को डीजल से चलने वाले पंपों से मुक्ति दिलाना और उन्हें सोलर पंप (Solar Pump) उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत, सरकार किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए भारी सब्सिडी प्रदान करती है। इससे न केवल सिंचाई का खर्च शून्य हो जाता है, बल्कि किसान अपनी बंजर जमीन पर सोलर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर सकते हैं और उसे सरकार (DISCOMs) को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।
योजना का संक्षिप्त विवरण (Overview)
नीचे दी गई तालिका में योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) |
| शुरुआत | केंद्र सरकार द्वारा (MNRE) |
| वर्ष | 2026 (अद्यतन) |
| लाभार्थी | देश के सभी किसान, पंचायत और सहकारी समितियां |
| सब्सिडी (अनुदान) | 60% से 90% तक (राज्य अनुसार भिन्न) |
| उद्देश्य | सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन और ऑफलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmkusum.mnre.gov.in |
पीएम कुसुम योजना 2026 के प्रमुख घटक (Components)
इस योजना को सही ढंग से समझने के लिए आपको इसके तीन मुख्य घटकों (Components) के बारे में जानना होगा। सरकार ने इसे तीन भागों में बांटा है:
1. घटक-ए (Component-A): विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र
इसके तहत किसान अपनी बंजर या प्रति भूमि पर 500 किलोवाट से लेकर 2 मेगावाट तक की क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plants) लगा सकते हैं। यहाँ से पैदा होने वाली बिजली को बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेचा जा सकता है।
2. घटक-बी (Component-B): स्टैंडअलोन सोलर पंप
यह घटक उन किसानों के लिए है जिनके पास बिजली का कनेक्शन नहीं है। इसमें डीजल पंपों को हटाकर नए सोलर पंप लगाए जाते हैं। सरकार इस पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है ताकि दूर-दराज के इलाकों में सिंचाई संभव हो सके।
3. घटक-सी (Component-C): ग्रिड कनेक्टेड पंपों का सोलराइजेशन
जिन किसानों के पास पहले से ही बिजली से चलने वाले पंप हैं, उन्हें सोलर ऊर्जा में बदला जाता है। इससे किसान दिन के समय सिंचाई कर सकते हैं और जब सिंचाई की जरूरत न हो, तो बिजली ग्रिड को भेजकर पैसा कमा सकते हैं।
पीएम कुसुम योजना 2026 के लाभ और विशेषताएं
इस योजना के फायदे केवल मुफ्त बिजली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह किसानों के जीवन स्तर को सुधारने का एक बड़ा जरिया है।
- भारी सब्सिडी: किसानों को सोलर पंप की कुल लागत का केवल 10% हिस्सा ही अपनी जेब से देना होता है। बाकी का खर्च केंद्र और राज्य सरकार वहन करती है।
- डीजल और बिजली बिल से मुक्ति: एक बार सोलर पंप लगने के बाद, सिंचाई के लिए डीजल खरीदने या बिजली का बिल भरने की चिंता हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।
- अतिरिक्त आय का स्रोत: यदि आप अपनी जरूरत से ज्यादा बिजली बनाते हैं, तो आप उसे सरकार को बेचकर हर महीने हजारों रुपये कमा सकते हैं।
- बंजर भूमि का उपयोग: किसान अपनी बंजर जमीन, जहां खेती नहीं होती, वहां सोलर पैनल लगाकर उसका सदुपयोग कर सकते हैं।
- पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा एक स्वच्छ ऊर्जा है, जिससे प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है।
- सिंचाई में आसानी: दिन के समय सूरज की रोशनी में पंप चलता है, जिससे रात में सिंचाई करने की मजबूरी खत्म हो जाती है।
सोलर पंप सब्सिडी का गणित (Subsidy Structure)
बहुत से किसान इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं कि 90% सब्सिडी कैसे मिलती है। इसे समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को ध्यान से देखें:
| योगदान का स्रोत | प्रतिशत (%) | विवरण |
| केंद्र सरकार | 30% | केंद्र सरकार द्वारा सीधे अनुदान |
| राज्य सरकार | 30% | राज्य सरकार द्वारा अनुदान (कुछ राज्यों में यह अधिक हो सकता है) |
| बैंक लोन | 30% | नाबार्ड या बैंकों द्वारा आसान किस्तों पर लोन |
| किसान का हिस्सा | 10% | किसान को केवल इतना ही भुगतान करना होता है |
नोट: कुछ विशेष राज्यों (जैसे पहाड़ी क्षेत्र या पूर्वोत्तर भारत) और SC/ST वर्ग के किसानों के लिए राज्य सरकारें अतिरिक्त छूट देती हैं, जिससे कुल सब्सिडी 90% तक पहुँच जाती है। सामान्यतः किसानों को 60% (30% केंद्र + 30% राज्य) की सीधी छूट मिलती है और 30% लोन की सुविधा मिलती है।
पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
पीएम कुसुम योजना 2026 का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा:
- आवेदक भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक पेशे से किसान होना चाहिए।
- आवेदक के पास अपनी कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए।
- बंजर भूमि पर सोलर प्लांट लगाने के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।
- स्वयं सहायता समूह (SHGs), किसान सहकारी समितियां, और जल उपयोगकर्ता संघ (Water User Associations) भी आवेदन के पात्र हैं।
- आवेदक का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेज (Important Documents)
आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी की आवश्यकता होगी। इन्हें पहले से तैयार रखें:
- आधार कार्ड (पहचान के लिए)
- राशन कार्ड
- भूमि के दस्तावेज (खसरा, खतौनी, जमाबंदी की नक़ल)
- बैंक पासबुक (खाता संख्या और IFSC कोड)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक होना चाहिए)
- घोषणा पत्र (यदि राज्य सरकार द्वारा माँगा जाए)
- पंजीकरण की कॉपी (सहकारी समितियों के लिए)
पीएम कुसुम योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
कुसुम योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया मुख्य रूप से राज्य आधारित होती है। केंद्र सरकार (MNRE) राज्यों को कोटा आवंटित करती है और राज्य अपने पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार करते हैं।
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले आपको नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की आधिकारिक वेबसाइट pmkusum.mnre.gov.in पर जाना होगा या अपने राज्य की कृषि/ऊर्जा विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा।
चरण 2: पोर्टल पर पंजीकरण (Registration)
- होमपेज पर आपको “Online Registration” या “Apply for Solar Pump” का विकल्प मिलेगा।
- वहां क्लिक करें और अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी डालकर रजिस्टर करें।
चरण 3: आवेदन फॉर्म भरें
- लॉगिन करने के बाद आवेदन फॉर्म खुलेगा।
- इसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का विवरण, और बैंक डिटेल्स सही-सही भरें।
- आपको कितने हॉर्सपावर (HP) का पंप चाहिए (जैसे 3HP, 5HP, 7.5HP), उसका चयन करें।
चरण 4: दस्तावेज अपलोड करें
- मांगे गए सभी दस्तावेजों (आधार, जमीन के कागज, फोटो) को साफ़ स्कैन करके अपलोड करें।
चरण 5: शुल्क का भुगतान और सबमिशन
- आवेदन सबमिट करें। यदि कोई पंजीकरण शुल्क है, तो उसे ऑनलाइन जमा करें।
- आवेदन सफल होने के बाद आपको एक Application Number मिलेगा, उसे संभाल कर रखें।
चरण 6: किसान हिस्से का भुगतान
- चयन होने के बाद विभाग आपको सूचित करेगा। तब आपको पंप की लागत का 10% हिस्सा जमा करना होगा। इसके बाद वेंडर आपके खेत में आकर पंप लगा देगा।
राज्यवार आवेदन लिंक (State-wise Links)
चूंकि हर राज्य का अपना अलग पोर्टल हो सकता है, यहाँ कुछ प्रमुख राज्यों के पोर्टल की जानकारी दी जा रही है:
| राज्य | विभाग/पोर्टल का नाम |
| उत्तर प्रदेश | यूपी कृषि विभाग (https://www.google.com/search?q=upagriculture.com) |
| राजस्थान | राज किसान साथी पोर्टल |
| मध्य प्रदेश | ऊर्जा विकास निगम (MPUVN) |
| हरियाणा | सरल हरियाणा पोर्टल (Saral Haryana) |
| महाराष्ट्र | महाउर्जा (MahaUrja) |
| बिहार | बिहार कृषि विभाग (DBT Agriculture) |
(नोट: आवेदन करने से पहले अपने राज्य के आधिकारिक कृषि विभाग की वेबसाइट पर वर्तमान स्थिति की जांच अवश्य करें, क्योंकि स्लॉट सीमित होते हैं और “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर मिलते हैं।)
कुसुम योजना बेनिफिशियरी लिस्ट कैसे चेक करें? (How to Check List)
यदि आपने आवेदन कर दिया है और अपना नाम लिस्ट में देखना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- “Beneficiary List” या “चयनित किसानों की सूची” वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना जिला, ब्लॉक और गांव चुनें।
- सूची डाउनलोड करें और अपना नाम (या Application Number) सर्च करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. पीएम कुसुम योजना में मुझे कितनी सब्सिडी मिलेगी?
उत्तर: सामान्यतः आपको केंद्र और राज्य सरकार मिलाकर 60% सब्सिडी मिलती है। 30% बैंक लोन होता है और आपको केवल 10% देना होता है। कुछ मामलों में सब्सिडी 90% तक हो सकती है।
Q2. क्या मैं 3HP और 5HP दोनों तरह के पंप के लिए आवेदन कर सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, आप अपनी जमीन और पानी की आवश्यकता के अनुसार 3HP, 5HP या 7.5HP के पंप के लिए आवेदन कर सकते हैं। क्षमता के अनुसार कीमत और सब्सिडी अलग-अलग होती है।
Q3. क्या इस योजना के लिए जमीन का होना जरूरी है?
उत्तर: हाँ, आवेदन करने के लिए आपके पास कृषि योग्य भूमि या बंजर भूमि का मालिकाना हक होना चाहिए।
Q4. पीएम कुसुम योजना का हेल्पलाइन नंबर क्या है?
उत्तर: केंद्र सरकार का हेल्पलाइन नंबर MNRE की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा, आप अपने राज्य के कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर (जैसे किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551) पर संपर्क कर सकते हैं।
Q5. अगर मेरे पास पहले से बिजली कनेक्शन है, तो क्या मैं लाभ ले सकता हूँ?
उत्तर: जी हाँ, घटक-C (Component-C) के तहत आप अपने पुराने बिजली वाले पंप को सोलर पंप में बदलवा सकते हैं।
Q6. सोलर पंप की वारंटी कितने साल की होती है?
उत्तर: आमतौर पर कुसुम योजना के तहत लगाए गए सोलर पैनल की वारंटी 25 वर्ष और पूरे सिस्टम की वारंटी/रखरखाव 5 वर्ष के लिए होती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
PM Kusum Yojana 2026 भारत के किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। यह न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि किसानों को ऊर्जा उत्पादक बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाती है। बढ़ती महंगाई और डीजल के दामों को देखते हुए, यह सही समय है कि आप भी इस योजना का लाभ उठाएं और अपने खेत में सोलर पंप लगवाएं।
यदि आप इस योजना के बारे में कोई और जानकारी चाहते हैं या आवेदन करने में कोई समस्या आ रही है, तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। हमारी टीम आपकी सहायता करेगी।
दोस्तों, ‘yojnaseva.com’ पर ऐसी ही सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। इस आर्टिकल को अपने किसान साथियों के साथ शेयर करना न भूलें।









